अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग श्लोक 4 अर्जुन उवाच । अपरं भवतो जन्म परं जन्म विवस्वतः । कथमेतद्विजानीयां…
अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग श्लोक 3 स एवायं मया तेऽद्य योगः प्रोक्तः पुरातनः । भक्तोऽसि मे सखा…
अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग श्लोक 2 एवं परम्पराप्राप्तमिमं राजर्षयो विदुः । स कालेनेह महता योगो नष्टः परन्तप…
अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग श्रीमद्भगवद्गीता का चौथा अध्याय “ज्ञान कर्म संन्यास योग” ज्ञान, कर्म और संन्यास के…
Third Sawan Somvar 2026 तीसरे सोमवार का महत्व: तीसरा सोमवार भी सावन मास में विशेष महत्व रखता है, जो 17…
Nag Panchami 2026 नाग पंचमी का महत्व: नाग पंचमी एक पारंपरिक हिंदू त्योहार है जो नाग देवताओं, विशेष रूप से…
Hariyali Teej 2026 हरियाली तीज, जिसे श्रावण तीज या सावन तीज के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर भारत…
अध्याय 3 – कर्म योग श्लोक 43 एवं बुद्धेः परं बुद्ध्वा संस्तभ्यात्मानमात्मना । जहि शत्रुं महाबाहो कामरूपं दुरासदम् ॥43॥ सरल…
हरियाली अमावस्या 2026 हरियाली अमावस्या हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और शुभ पर्व है, जिसे श्रावण (सावन) मास की…
Sawan Shivratri 2026 सावन शिवरात्रि का महत्व: यह सावन मास (श्रावण माह) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया…
Second Sawan Somvar 2026 सावन का महीना हिंदू धर्म में विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण…
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Shrimad Bhagavad Gita Chapter–4 Shalok–1 | श्रीमद् भगवद्गीता अध्याय चार–श्लोक एक | PDF
अध्याय 4 – ज्ञान कर्म संन्यास योग श्लोक 1 श्रीभगवानुवाच । इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम् । विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत् ॥1॥…